
पितृ अमावस्या पर सेवा और संवेदना की मिसाल, वरिष्ठजनों को साड़ी, टॉवल, फल और खाद्य सामग्री भेंट की, हनुमान चालीसा व बजरंग बाण का किया पाठ
✍️ रमेश निवल बालू
✍️ महेश शर्मा
राजनांदगांव। पितृ अमावस्या पर अपने पूर्वजों की स्मृति को सेवा और संवेदना से जोड़ते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना की सदस्यों ने वृद्धाश्रम पहुंचकर वरिष्ठजनों का सम्मान किया। इस दौरान बुजुर्गों को साड़ी, टॉवल, फल, बिस्किट, चॉकलेट और नमकीन के पैकेट वितरित किए गए। वीरांगनाओं ने वरिष्ठजनों के साथ समय बिताया और उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सेवा भाव भी देखने को मिला। सभी सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ बैठकर हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना की प्रदेश अध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि राजपूत समाज की महिलाएं हर कदम पर वरिष्ठजनों के साथ खड़ी हैं। समाज की महिलाएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार बुजुर्गों की सेवा और सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं।
उन्होंने कहा कि वृद्धजनों को भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा वीरांगना समूह की प्रत्येक महिला उनकी सेवा और सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगी।
सुषमा सिंह ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना, उनकी जरूरतों को समझना और कठिन समय में उनका सहारा बनना सामाजिक जिम्मेदारी है। वीरांगना समूह इसी भावना के साथ वरिष्ठजनों की सेवा के लिए आगे भी प्रयासरत रहेगा।
पितृ अमावस्या पर आयोजित इस पहल के माध्यम से वीरांगनाओं ने अपने पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ समाज के बुजुर्गों के प्रति सम्मान और आत्मीयता का संदेश दिया।
वरिष्ठजनों को उपयोगी सामग्री भेंट करने के साथ उनके बीच समय बिताकर यह भाव प्रकट किया गया कि बुजुर्गों को केवल आवश्यक वस्तुओं की ही नहीं, बल्कि अपनत्व, सम्मान और साथ की भी जरूरत होती है। पूर्वजों की स्मृति में सेवा कार्य कर वरिष्ठजनों का आशीर्वाद प्राप्त करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सुषमा सिंह, रेखा सिंह, शशि भदौरिया, अखिलेष ठाकुर, अंजू सिंह, मधु मालती सिंह, निशा सेंगर और अंशिका राणा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहीं। सभी ने वरिष्ठजनों के अच्छे स्वास्थ्य और सुखमय जीवन की कामना की।
Publisher: प्रधान संपादक: रमेश निवल (बालू) प्रधान संपादक एवं मुद्रक: महेश शर्मा दुर्ग संभाग प्रभारी: नागेश यदु (रक्तवीर)
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