
✍️ रमेश निवल बालू
✍️ महेश शर्मा
राजनांदगांव।
जिले में रेत की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 15 अक्टूबर 2026 से रेत घाटों का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में शुरू की गई चार नई रेत खदानों में वैधानिक रूप से रेत खनन की प्रक्रिया भी प्रारंभ होगी।
रेत घाटों और नई खदानों के व्यवस्थित एवं वैधानिक संचालन से जिले में स्थानीय स्तर पर रेत की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। इससे निर्माण कार्यों के लिए रेत आसानी से उपलब्ध हो सकेगी और दूसरे जिलों से रेत मंगाने में होने वाले अतिरिक्त परिवहन खर्च को कम करने में मदद मिलेगी।

स्थानीय स्तर पर रेत की उपलब्धता बढ़ने से आम नागरिकों को उचित दर पर रेत मिलने की उम्मीद है। वैधानिक स्रोतों से रेत उपलब्ध होने के कारण अवैध रूप से उत्खनन की गई रेत की मांग में भी कमी आने की संभावना है।
प्रशासन का मानना है कि रेत घाटों के नियमित संचालन से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन द्वारा जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वैधानिक रूप से रेत उपलब्ध होने से रेत के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों को निर्माण कार्यों के लिए रेत प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।
जिले में स्थानीय स्तर पर रेत उपलब्ध होने से विभिन्न निर्माण कार्यों को भी गति मिलने की संभावना है। परिवहन दूरी और अतिरिक्त खर्च कम होने से निर्माण लागत को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।
इस व्यवस्था से आम नागरिकों, निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों और स्थानीय स्तर पर रेत की आवश्यकता वाले कार्यों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Publisher: प्रधान संपादक: रमेश निवल (बालू) प्रधान संपादक एवं मुद्रक: महेश शर्मा दुर्ग संभाग प्रभारी: नागेश यदु (रक्तवीर)
No comments yet. Be the first to comment.
Login to post a comment.