
✍️ रमेश निवल बालू
✍️ महेश शर्मा
राजनांदगांव।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं प्रदेश कांग्रेस विधि विभाग के महामंत्री रूपेश दुबे ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने पितृपक्ष और नवरात्रि के दौरान विशेष अभियान आयोजित किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
रूपेश दुबे ने कहा कि देश के 13 करोड़ 37 लाख मतदाताओं और छत्तीसगढ़ के 19 लाख 13 हजार 540 मतदाताओं के नाम हटाए जाने का विषय गंभीर है। उनके अनुसार, इससे मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता रूपेश दुबे ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयुक्तों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं और पिछले 10 महीनों में दो आयुक्तों द्वारा 14 आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर विधिक आपत्तियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
दुबे के अनुसार, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6 में बदलाव करते हुए एनेक्सचर-डी भरने की अनिवार्यता लागू की गई, जिससे नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने पूर्व से पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने पर भी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
रूपेश दुबे ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा 5 से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब पितृपक्ष और नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व मनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में लोगों के सामने धार्मिक परंपराओं का पालन करने के साथ मतदाता सूची में अपना नाम जांचने, त्रुटियों में सुधार कराने और नए मतदाताओं के नाम जुड़वाने की चुनौती रहेगी।
दुबे ने सवाल उठाया कि आम नागरिक पितरों का श्राद्ध करें, नवरात्रि की पूजा करें या मतदाता सूची में अपना नाम खोजने और आवश्यक सुधार कराने के लिए मतदान केंद्रों के चक्कर लगाएं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया को मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने का आधार बताया गया था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के दौरान प्रपत्र-7 का दुरुपयोग करते हुए भाजपा के लोगों ने तहसील कार्यालय में नाम हटाने के आवेदन दिए। दुबे के अनुसार, कांग्रेस ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि अब मतदाता सूची में सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जो निर्वाचन आयोग की पूर्व प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
रूपेश दुबे ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए और मतदाता सूची से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए।
नोट: यह समाचार कांग्रेस प्रवक्ता रूपेश दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके वक्तव्य पर आधारित है। निर्वाचन आयोग का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।
Publisher: प्रधान संपादक: रमेश निवल (बालू) प्रधान संपादक एवं मुद्रक: महेश शर्मा दुर्ग संभाग प्रभारी: नागेश यदु (रक्तवीर)
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